तूलिकासदन
बुधवार, 16 मई 2012
लघुकथा
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हवा -हवाएँ / सुधा भार्गव पति के स्वर्गवास को 15 दिन होते -होते बेटियां ससुराल चली गईं ।रह गई वह और उसका छोटा बेटा -बहू । ...
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गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012
लघुकथा
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मेरा कल /सुधा भार्गव -बहुत देर से मैं तुझे घूमते हुये देख रहा हूँ ।कभी झुकी कमर वाले को प्रणाम करता है , कभी लड़खड़ाते...
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सोमवार, 12 दिसंबर 2011
लघुकथा
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परिवर्तन / सुधा भार्गव रिटायर होते ही कर्नल साहब की सुख -सुविधा भरी जिन्दगी का अंत हो गया I नौकर -चाकर , खानसामा ,म...
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शनिवार, 12 नवंबर 2011
लघुकथा
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वात्सल्य के धागे / सुधा भार्गव विलियम ने बड़ी आशा से भारत की भूमि पर कदम रखे I चलते समय उसके भाई ने कहा था --------- ...
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गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011
लघुकथा
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मीठी छुरी/ सुधा भार्गव उस दिन मेरी सहेली दिल्ली के भोगल बाजार में सब्जी खरीदते हुये मिल गई।उसके चेहरे पर उदासी की चादर तनी देखकर मैं व्...
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सोमवार, 29 अगस्त 2011
लघुकथा
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सिसकती साँसें / सुधा भार्गव -- तीन दिन से घर बैठा है ,स्कूल क्यों नहीं जाता। मास्टरनी ने कल भी बुलाबा भेजा था और आज भी।अरे इतनी अ...
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सोमवार, 25 जुलाई 2011
लघुकथा- मैं---- नहीं
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मैं चोर नहीं / सुधा भार्गव माँ की असमय मृत्यु ने गुलाल से उसका सुरक्षित गढ़ छीन लिया ।अब पाँच वर्ष का वह नन्हा सहमा -सहमा रहने ल...
13 टिप्पणियां:
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मैं चोर नहीं
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