तूलिकासदन

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012

लघुकथा

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मेरा कल /सुधा भार्गव -बहुत देर से मैं तुझे घूमते हुये देख रहा हूँ ।कभी झुकी कमर वाले को प्रणाम करता है , कभी लड़खड़ाते...
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सोमवार, 12 दिसंबर 2011

लघुकथा

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परिवर्तन / सुधा भार्गव रिटायर होते ही कर्नल साहब की सुख -सुविधा भरी जिन्दगी का अंत हो गया I नौकर -चाकर , खानसामा ,म...
15 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 12 नवंबर 2011

लघुकथा

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वात्सल्य के धागे / सुधा भार्गव विलियम ने बड़ी आशा से   भारत की भूमि पर कदम रखे I   चलते समय उसके भाई ने कहा था --------- ...
13 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011

लघुकथा

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मीठी छुरी/ सुधा भार्गव उस दिन मेरी सहेली दिल्ली के भोगल बाजार में सब्जी खरीदते हुये मिल गई।उसके चेहरे पर उदासी की चादर तनी देखकर मैं व्...
5 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 29 अगस्त 2011

लघुकथा

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सिसकती साँसें  / सुधा भार्गव -- तीन दिन से घर बैठा है ,स्कूल क्यों नहीं जाता। मास्टरनी ने कल भी बुलाबा भेजा था और आज भी।अरे इतनी अ...
17 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 25 जुलाई 2011

लघुकथा- मैं---- नहीं

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मैं चोर नहीं / सुधा भार्गव   माँ की असमय मृत्यु ने गुलाल से उसका सुरक्षित गढ़ छीन लिया ।अब पाँच वर्ष का वह नन्हा सहमा -सहमा रहने ल...
13 टिप्‍पणियां:

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मैं चोर नहीं
रविवार, 12 जून 2011

लघुकथा

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मन पंछी / सुधा भार्गव -- हलो --शबनम  ! कैसी हो ?तुम्हें तो बात करने की फुरसत नहीं । -ठीक हूं----। क्या बताऊँ  शशी , बहू  काम स...
12 टिप्‍पणियां:
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बंगलौर, कर्नाटक, India
एक कहानीकार हूँ । अब चाहे वह फल-फूलों से लदी और काँटों से बिंधी कथा हो या लघुकथा,बालकथा हो या लोककथा सभी विधाओं पर लेखनी गतिशील है । इस ब्लॉग में मेरी कनाडा डायरी व आलेख हैं। प्यारी -प्यारी स्मृतियाँ व संस्मरण है।
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