तूलिकासदन

शनिवार, 4 मई 2024

स्नेह भरे वे पल

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  बलराम भाई जी के घर पर धरना कुछ दिन पहले भाइयों से मिलने दिल्ली जाना हुआ। बलराम भाई जी से भी मिलने गई नोएडा उनकी नए आवास स्थल प...
रविवार, 3 मार्च 2024

तीसरा लघुकथा संग्रह

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'लालटेन' लघुकथा संग्रह   सुधा भार्गव   वरिष्ठ साहित्यकार व सुप्रसिद्ध लघुकथाकार श्री  बलराम अग्रवाल जी के शब्दों में -"कोमल संव...
सोमवार, 10 अप्रैल 2023

प्रयोगात्मक लघुकथाएं

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 लघुकथा कलश का  प्रयोगात्मक लघुकथा विशेषांक 2023  में प्रकाशित मेरी दो लघुकथाएं - साथ ही योगराज प्रभाकर जी  का बहुत बहुत धन्यवाद जिनके कारण ...
मंगलवार, 27 दिसंबर 2022

द अंडरलाइन पत्रिका दिसंबर 2002 लघुकथा विशेषांक में प्रकाशित

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   अंकुर  किटकू का नियम था कि शाम को जैसे ही फुटबॉल खेलकर  लौटता उसके जूते- मौज़े हवा में कलाबाज़ियाँ करते दिखाई देते और फुट बॉल लुढ़कत...
रविवार, 26 जून 2022

लघुकथा

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लघुकथा कलश में प्रकाशित मेरी एक लघुकथा  औलाद है मेरी    "अब अपना काम भी समेटो और सामान भी। आखिर बुढ़ापा है माँ तुम्हारा । हमें तो य...
6 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 19 अप्रैल 2022

लघुकथा -स्वर्ण जयंती विशेषांक

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  माँ का प्रतिरूप सुधा भार्गव
1 टिप्पणी:
मंगलवार, 12 अप्रैल 2022

मेरी दो लघुकथाएं

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 अप्रैल अंक 2022 में प्रकाशित सुधा भार्गव        1-वात्सल्य की हिलोरें सोहर गाई जा रही थी । सोहर गीत पीड़ा और  ...
शनिवार, 5 फ़रवरी 2022

समीक्षा

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"टकराती रेत" लघुकथा संग्रह की समीक्षा                        डॉ मंजू रानी गुप्ता   मैं  डाॅ• मंजु रानी गुप्ता की बहुत शुक्रगुजार ह...
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बंगलौर, कर्नाटक, India
एक कहानीकार हूँ । अब चाहे वह फल-फूलों से लदी और काँटों से बिंधी कथा हो या लघुकथा,बालकथा हो या लोककथा सभी विधाओं पर लेखनी गतिशील है । इस ब्लॉग में मेरी कनाडा डायरी व आलेख हैं। प्यारी -प्यारी स्मृतियाँ व संस्मरण है।
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