तूलिकासदन

शनिवार, 2 अप्रैल 2011

लघुकथा----आयेगा

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वह  आयेगा   / सुधा भार्गव जीजी ,जीजाजी  कैसे  हैं ? -ठीक  नहीं | -कनाडा  से  कमल  को  बुला लो । उसे  गये  बहुत  दिन  हो  गये । को...
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रविवार, 23 जनवरी 2011

-लघुकथा

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क्या   होगा  हमारा !- सुधा भार्गव -यह  क्या  मुसीबत  है - - - सुबह  से  ही  पानी  की  किल्लत ! न  बाथरूम  में  पानी  न रसोई  में  पा...
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शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

लघुकथा

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दहेज़ / सुधा भार्गव समीरा   को बचपन से  ही शतरंज  खेलने  का  शौक  था | वह घंटों   अपने  दादाजी  के साथ बैठी  खेला  करतीI  उम्र ...
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बुधवार, 28 जुलाई 2010

लघुकथा

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असली  व्यापारी / सुधा  भार्गव   -      - -भैया जी , इस  अंगूठी  पर  पालिश  करा  दो और  चूड़ियाँ  भी  दिखा  दो I --बहन  जी  ,आराम ...
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बुधवार, 14 जुलाई 2010

लघुकथा-सार्थकता

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सार्थकता  / सुधा  भार्गव साहित्यिक  विधा ' लघुकथा ' पर  सेमिनार  हुई I दूर -दूर से  बुद्धिजीवी  पधारे I वक्तव्य  देने  के  ...
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लघुकथा

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व्यथा पुंज / सुधा भार्गव - रोनी सी सूरत क्यों बना रखी है ! -बच्चा समान वह नाजुक सा नई-नई कोंपलों वाला पौधा कल तक...
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सोमवार, 28 जून 2010

लघुकथा

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मूर्छाचक्र - -तुम डायबिटीज के रोगी - - - !पर मिठाई से इतना मोह !बहुत खतरा है | डाक्टर ने समझाने की कोशिश की | -...
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बंगलौर, कर्नाटक, India
एक कहानीकार हूँ । अब चाहे वह फल-फूलों से लदी और काँटों से बिंधी कथा हो या लघुकथा,बालकथा हो या लोककथा सभी विधाओं पर लेखनी गतिशील है । इस ब्लॉग में मेरी कनाडा डायरी व आलेख हैं। प्यारी -प्यारी स्मृतियाँ व संस्मरण है।
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