तूलिकासदन
गुरुवार, 19 जून 2014
लघुकथा
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बेड़ियों की जकड़न /सुधा भार्गव तिरुपति मंदिर - पंद्रह सालों से बेड़ियों में जकड़ा हुआ है वह। - क्यों ? - मानसिक ...
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बुधवार, 11 जून 2014
लघुकथा
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अन्न देवता / सुधा भार्गव दीनानाथ बेटे की शादी करके फूले नहीं समा रहे थे। खुशियाँ उनसे संभाले नहीं सँभल रही थीं । दहेज में उ...
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सोमवार, 12 मई 2014
बड़े ज़ोर –शोर से मनाए जाने वाले मातृ दिवस पर
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मेरी दो लघुकथाएँ /सुधा भार्गव 1-हैपी मदर्स डे बेटा तीन साल के बाद पढ़ाई करके विदेश से लौटने वाला था । उसने लौटने का दिन ‘ है...
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सोमवार, 14 अप्रैल 2014
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गणेश पुराण/ सुधा भार्गव -बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आज मीटिंग है। उनका अगले वर्ष के लिए चुनाव होगा । तुम्हें भी मीटिंग में चलना...
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रविवार, 9 मार्च 2014
दक्षिण भारत राष्ट्रमत में प्रकाशित -9.3 .2014
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मेरी दो लघुकथाएँ / सुधा भार्गव 1-चुनौती पिता की बड़ी इच्छा थी कि बेटी खूब पढे–लिखे और विदेश जाये। बेटी ने उच्च शिक्षा त...
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